खाद-बीज की जांच प्रक्रिया अब होगी पारदर्शी
26 Oct, 2026
Downloads_txtडीडवाना-कुचामन, 26 अक्टूबर।
किसानों को गुणवत्तापूर्वक खाद एवं बीज उपलब्ध कराने तथा अमानक कृषि आदानों और दोनों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग और डाक विभाग के समन्वय से नमूना संग्रहण एवं जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की पहल की जा रही है। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेन्स नीति की अनुपालना में नमूने लेने से लेकर प्रयोगशाला तक पहुंचाने और जांच रिपोर्ट जारी होने तक की प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार भागचंद कुमावत ने बताया कि डीडवाना कुचामन जिले के लिए बीज के 88, उर्वरक के 94 एवं कीटनाशी के 60 नमूनों का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्यों की पूर्ति हेतु जिले के निरीक्षकों द्वारा लगातार / आकस्मिक निरीक्षण कर नमूनों की प्रगति की जा रही है। जिससे किसानों को गुणवतापूर्ण आदान मिल सके। खाद एवं बीज के गुणवत्ता सुनिश्चित करना किसानों के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। नमूनों की जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था उपयोगी साबित होगी। इससे नमूनों की स्थिति पर निगरानी रखी जा सकेगी और जांच प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका कम होगी ।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कृषि आदानों के नमूने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। नमूनों की डिजिटल ट्रैकिंग से उनके प्रेषण एवं प्राप्ति की जानकारी दर्ज रहेगी। इससे नमूनों की अदला बदली तथा रिकॉर्ड में छेड़छाड़ के आशंका कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही जांच प्रक्रिया में संबंधित डीलर एवं निर्माता की पहचान गोपनीय रखने से निष्पक्षता बनाए रखने में सहायता मिलेगी। संयुक्त निदेशक में बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट में गुणवत्ता संबंधी अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कृषि अधिकारी मिशन बजरंग लाल मीणा ने बताया कि राज्य सरकार कि इस नीति से किसानों को बीज उर्वरक और कीटनाशी की गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है