<p class="MsoNormal"><span lang="HI">जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता</span><span>, </span><span lang="HI">किसानों को चिंता की जरूरत नहीं</span><span></span></p><p class="MsoNormal"><span lang="HI">अलवर एवं खैरथल-तिजारा जिले में 18824 मीट्रिक टन यूरिया</span><span>, </span><span lang="HI">3016 मीट्रिक टन डीएपी</span><span>, </span><span lang="HI">4523 मीट्रिक टन एनपीके एवं 5790 मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध</span></p><p class="MsoNormal"><span lang="HI">कालाबाजारी</span><span>, </span><span lang="HI">जमाखोरी एवं डायवर्जन पर सख्ती—3 एफआईआर</span><span>, </span><span lang="HI">एक उर्वरक लाइसेंस निरस्त</span></p>
खैरथल-तिजारा, 9 अक्टूबर। जिले में किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसानों को उर्वरकों के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
संयुक्त निदेशक पीसी मीणा ने बताया कि अलवर एवं खैरथल-तिजारा जिले में वर्तमान में 18824 मीट्रिक टन यूरिया, 3016 मीट्रिक टन डीएपी, 4523 मीट्रिक टन एनपीके तथा 5790 मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है। खैरथल क्षेत्र में भी किसानों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को उनकी मांग एवं फसल की आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सरकार कृतसंकल्प है।
कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता, मांग और खपत की नियमित समीक्षा की जा रही है। मांग एवं खपत के अनुसार जिलों को प्राथमिकता से उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है, ताकि किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक मिल सके और कृषि कार्य प्रभावित न हों।
संयुक्त निदेशक पीसी मीणा ने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनधिकृत डायवर्जन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है। जिले में अनियमितताओं के संबंध में 3 एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा एक लाइसेंस निरस्त किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों की बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।