पोषण माह 2026 राजस्थानका राष्ट्रीय स्तर पर परचम पूरे भारत में हासिल किया द्वितीय स्थान जोधपुर रहा प्रदेश में अव्वल
22 Oct, 2026
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार आयोजित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह (9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026) के दौरान किए गए उत्कृष्ट एवं अभिनव कार्यों के लिए राजस्थान ने पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
पोषण माह के दौरान प्रदेशभर में आंगनवाड़ी केंद्रों को केंद्र बनाकर पोषण को जन-आंदोलन बनाने का अभूतपूर्व कार्य किया गया। प्रदेश में पोषण संबंधी जनजागरूकता रैली, प्रभात फेरी, अन्नप्राशन दिवस, गोद भराई समारोह, कुपोषित बच्चों का चिह्निकरण एवं प्रबंधन, पोषण वाटिका की स्थापना, स्वस्थ बालक स्पर्धा, वृद्धि निगरानी, एनीमिया जांच शिविर और मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत लाभार्थियों को लाभान्वित करने जैसे कार्यक्रमों का सघन और सुनियोजित आयोजन किया गया। इसी का परिणाम है कि प्रदेश ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 113.66 प्रतिशत की शानदार उपलब्धि हासिल की है, जो जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर प्रतिदिन अपलोड की गई।
यह उपलब्धि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की मेहनत का परिणाम – उपमुख्यमंत्री
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने 'पोषण माह 2026' में राजस्थान के देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हमारे सामूहिक प्रयासों, जागरूकता और जनभागीदारी का परिणाम है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन और माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के कुशल नेतृत्व में राजस्थान पोषण और महिला एवं बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर, नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों को पोषण, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास का सशक्त केन्द्र बनाना ही प्रदेश सरकार का लक्ष्य है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी फील्ड की बहनों - आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की दिन-रात की मेहनत, लगन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने समस्त NNM टीम, विभागीय अधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक समन्वयकों को भी हार्दिक बधाई दी।
जोधपुर ने रचा इतिहास, टॉप 5 जिलों ने किया कमाल
प्रदेश स्तर पर कई जिलों ने लक्ष्य से कहीं अधिक प्रदर्शन किया। शीर्ष 5 प्रदर्शन करने वाले जिले इस प्रकार हैं -
1. जोधपुर - 148.22% (प्रथमस्थान)
2. बीकानेर - 133.70% (द्वितीयस्थान)
3. पाली - 132.01%(तृतीय स्थान)
4. चूरू - 128.85%(चतुर्थ स्थान)
5. श्रीगंगानगर - 127.21% (पंचमस्थान)
इन जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी (DD), बालविकास परियोजना अधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षक (LS)तथा जिला समन्वयक (DC), जिला परियोजना सहायक (DPA), ब्लॉक समन्वयक (BC) एवं समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने असाधारण समर्पण दिखाते हुए पूरे प्रदेश के सामने एक मिसाल पेश की है।
5 प्रमुख थीम पर रहा फोकस: हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी
इस वर्ष पोषण माह की मुख्य थीम "हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी" रखी गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केन्द्रों को पोषण, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास का सशक्त केन्द्र बनाना और समुदाय में स्वामित्व की भावना जागृत करना था।
पोषण माह के दौरान 5 प्रमुख विषयों पर विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं -
1. आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन -पोषण वाटिका, मोटे अनाज को बढ़ावा
2. आंगनवाड़ी केन्द्रों पर ताजा पका हुआ गर्म भोजन (HCM)-गुणवत्ता और स्वच्छता पर जोर
3. सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही-जनप्रतिनिधियों और SHG की भागीदारी
4. बाल्यावस्था विकास के लिए पोषण और प्रारंभिक उद्दीपन -स्वस्थ बालक स्पर्धा, ECE
5. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) -गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण
विभागीय कैलेण्डर के अनुसार सभी गतिविधियां स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय से आयोजित की गई।
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गजाधर भरत, सहायक निदेश, महिला एवं बाल विकास विभाग


