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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भागीरथ प्रयास—
3,588 करोड़ रूपये के ईसरदा प्रोजेक्ट से दौसा और सवाईमाधोपुर के 6 बड़े कस्बों और 1250 से ज्यादा गांवों में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान जल्द —
91000 करोड़ रूपये लागत की संशोधित पार्वती कालीसिंध चम्बल लिंक परियोजना में 23312 करोड़ रूपये के 7 पेयजल कार्य प्रगति पर— 
प्रथम पैकेज पर अब तक 1,006 करोड़ रुपये खर्च

27 Oct, 2026


 
दौसा और सवाई माधोपुर जिले के समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा पानी की कमी रही है। अब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने विकसित राजस्थान@2047 का संकल्प पूरा करने में जल का महत्व समझते हुए इन दो जिलों के साथ ही सम्पूर्ण राज्य में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संशोधित पार्वती कालीसिंध चम्बल लिंक परियोजना, किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना, यमुना जल समझौते, देवास के अगले चरणों आदि के माध्यम से बड़े कदम उठाए, बरसों से लम्बित अन्तर्राज्यीय विवादों का समाधान किया और घोषणाओं के समय ही पूरे बजट का इंतजाम भी किया जिससे घोषणाएं डेडलाइन पर नहीं, उससे पहले ही धरातल पर विकास की गंगा ला सके।

 डबल इंजन सरकार 91000 करोड़ रूपये की संशोधित पार्वती कालीसिंध चम्बल लिंक परियोजना से इन दोनों जिलों के साथ ही पूरे पूर्वी राजस्थान में पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने जा रही है। इससे खेती, उद्योग के साथ ही पेयजल के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। इस बजट में से 23312 करोड़ रूपये के 7 पेयजल कार्य प्रगति पर हैं।
 
ईसरदा बांध के पानी को उपचारित कर गांवों और कस्बों तक पहुंचाने वाली ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना अब महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। करीब 3,588 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 1,256 गांवों और 6 कस्बों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इसमें 3 लाख 6 हजार 198 से अधिक घरों तक नल से पेयजल कनेक्शन करने का लक्ष्य है, जिससे करीब 35 लाख लोगों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल मिलेगा।

बांध से फिल्टर प्लांट तक पहुंचा पानी

 परियोजना के अंतर्गत 225 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट तैयार किया जा रहा है। अभी  प्लांट की टेस्टिंग और कमिशनिंग का कार्य चल रहा है। ईसरदा बांध स्थित इंटेक वेल से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा चुका है। 

341 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन में 299 किलोमीटर पूरा

परियोजना के प्रथम पैकेज में ईसरदा इंटेक वेल से महुआ तक 341 किलोमीटर मुख्य ट्रांसमिशन प्रस्तावित पाइपलाइन  में से 299 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है। ईसरदा और बगड़ी में स्वच्छ जलाशयों तथा फिल्टर प्लांट का निर्माण भी पूरा हो चुका है। प्रथम पैकेज पर अब तक 1,006 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। ईसरदा बांध पर इंटेक वेल एवं पंप हाउस भवन निर्माण भी पूरा हो चुका है। यह कार्य द्वितीय पैकेज के तहत कराया गया है।

क्लस्टरों में आगे बढ़ रहा पेयजल नेटवर्क

लालसोट क्लस्टर में 302 गांवों और लालसोट शहर को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। यहां 124.7 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है तथा 11 उच्च जलाशयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

 दौसा क्लस्टर में 248 गांवों एवं दौसा शहर को नेटवर्क से जोड़ने के लिए 1,709 किलोमीटर पाइपलाइन प्रस्तावित है। इसमें से 154 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। 52 उच्च जलाशयों में से 11 तथा 9 स्वच्छ जलाशयों में से 2 का निर्माण चल रहा है।
बसवा क्लस्टर में 368 गांवों और बांदीकुई शहर को लाभ मिलेगा। यहां प्रस्तावित 2,077 किलोमीटर पाइपलाइन में से 1,801 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। इस पैकेज पर अब तक 217.17 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इसी प्रकार महुआ क्लस्टर में प्रस्तावित 315 किलोमीटर पाइपलाइन में से 244 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है और इस कार्य पर 60.74 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
 
सवाई माधोपुर के 177 गांव भी जुड़ेंगे

परियोजना का विस्तार सवाई माधोपुर जिले तक भी किया जा रहा है। छठे पैकेज में बौंली तहसील के 99, मलारना डूंगर के 61 तथा चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों सहित कुल 177 गांवों को पेयजल सुविधा से लाभान्वित किया जाना  है। इसके लिए 260.62 करोड़ रुपये का कार्यादेश जारी हो चुका है।
 
नवंबर तक शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति का लक्ष्य

परियोजना के शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ गति दी जा रही है। नवंबर तक शहरी क्षेत्रों को मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का प्रस्तावित लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही जिन ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, वहां चरणबद्ध रूप से पेयजल नेटवर्क से कनेक्शन जोड़कर जलापूर्ति शुरू की जाएगी।

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मानसिंह/सोनू—ब्रजेश