विशेष लेख—
राजस्थान के पीएम श्री विद्यालय: शिक्षा का नया स्वरूप, उत्कृष्टता का अटूट संकल्प
— राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सपनों को साकार करने की दिशा में मजबूत कदम
— आधुनिक शिक्षा, नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में गढ़ा जा रहा नया अध्याय 

21 Oct, 2026


मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में राजस्थान में विद्यालयी शिक्षा लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन को ध्यान में रखते हुए आधुनिक शिक्षण व्यवस्था, डिजिटल संसाधनों, कौशल आधारित शिक्षा और समग्र विकास के माध्यम से सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने की दिशा में पीएम श्री विद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

पीएम श्री विद्यालय - जहां आधुनिक शिक्षा, नवाचार और संस्कार मिलकर 'भविष्य का भारत' गढ़ रहे हैं—
इन विद्यालयों का उद्देश्य केवल बेहतर भवन तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसा शिक्षण वातावरण विकसित करना है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञान, कौशल और जीवन मूल्यों से समृद्ध हो सके। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रमुख सिद्धांतों को धरातल पर उतारने का माध्यम है।

राजस्थान में 649 पीएम श्री विद्यालय—
राजस्थान में वर्तमान में 649 पीएम श्री विद्यालय संचालित हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, डिजिटल नवाचार और समग्र विकास के मॉडल संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान एवं गणित प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, व्यावसायिक शिक्षा और आईसीटी आधारित शिक्षण विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ रहे हैं।

पीएम श्री विद्यालयों में सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक, व्यवहारिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाया गया है। यहाँ पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ अनुभवात्मक शिक्षण, गतिविधि आधारित कक्षाएं, परियोजना कार्य, कला एवं खेल आधारित अधिगम तथा स्थानीय परिवेश से जुड़े नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नवाचार और कौशल विकास पर विशेष जोर—
राजस्थान के पीएम श्री विद्यालयों में स्कूल इनोवेशन काउंसिल, विज्ञान मेले, करियर फेयर, बाल मेले, स्वास्थ्य शिविर, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्थानीय उद्योगों एवं संस्थानों के भ्रमण तथा 21वीं सदी के कौशल विकसित करने वाली अनेक गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जा रही हैं। इन प्रयासों से विद्यार्थियों में नवाचार, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान और उद्यमिता जैसी क्षमताओं का विकास हो रहा है।

हरित एवं सुरक्षित विद्यालय—
पीएम श्री विद्यालय केवल स्मार्ट नहीं बल्कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशील भी हैं। विद्यालयों में सौर ऊर्जा, एलईडी प्रकाश व्यवस्था, वर्षा जल संरक्षण, किचन गार्डन, प्लास्टिक मुक्त परिसर तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पहलें विद्यार्थियों को सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण का व्यवहारिक ज्ञान प्रदान कर रही हैं।

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025-26' के तहत राजस्थान के 11 विद्यालयों को राष्ट्रीय-स्तरीय मेरिट प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इनमें दो पीएम श्री विद्यालय भी शामिल हैं। यह उपलब्धि विद्यालयों की स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, हरित आवरण और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों का श्रेय है।

समग्र विकास का मॉडल—
विद्यालयों में खेल, योग, कला, संगीत, सांस्कृतिक गतिविधियां, संविधान आधारित मूल्य शिक्षा, जीवन कौशल, बाल संसद तथा सामुदायिक सहभागिता को भी समान महत्व दिया जा रहा है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों एवं बालिकाओं के लिए समावेशी और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

श्रेष्ठ विद्यालयों से पूरे प्रदेश को मिलेगी दिशा—
पीएम श्री विद्यालयों की अवधारणा केवल चयनित विद्यालयों तक सीमित नहीं है। इन विद्यालयों में विकसित श्रेष्ठ व्यवस्थाएँ, नवाचार और शिक्षण पद्धतियां आसपास के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य इन विद्यालयों को उत्कृष्टता के ऐसे केंद्रों के रूप में विकसित करना है, जिनसे पूरे विद्यालयी शिक्षा तंत्र को नई दिशा मिले।

विकसित राजस्थान की मजबूत नींव—
राजस्थान में पीएम श्री विद्यालय आधुनिक अधोसंरचना, नवाचार, तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और समग्र विकास के माध्यम से सरकारी विद्यालयों की नई पहचान बन रहे हैं। ये विद्यालय ऐसे आत्मविश्वासी, नवाचारी, जिम्मेदार और सक्षम नागरिक तैयार कर रहे हैं, जो विकसित भारत और विकसित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
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राजेश यादव, सहायक निदेशक, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद